अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने पहलगाम हमले के बाद अपनी फिल्म सरदारजी 3 के भारत में प्रदर्शित न हो पाने के विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनकी फिल्म हमले से पहले शूट हुई थी और भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच हमले के बाद हुआ।
मलेशिया में एक कॉन्सर्ट में उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म सरदारजी 3 फरवरी में शूट की गई थी जबकि पहलगाम में हमला, जिसमें पर्यटकों समेत 26 लोग मारे गए थे, 22 अप्रैल को हुआ।
उन्होंने कहा कि हमले के बाद उन्होंने हमेशा प्रार्थना की कि आतंकियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। उन्होंने कहा, “फर्क सिर्फ इतना था कि हमारी फिल्म हमले के पहले शूट की गई थी और क्रिकेट मैच बाद में खेला गया।
फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर होने के कारण विवाद हुआ था और आखिरकार फिल्म भारत में प्रदर्शित नहीं हो पाई थी। 27 जून को यह फिल्म केवल ओवरसीज मार्केट में रिलीज हो पाई। इस हॉरर कॉमेडी में नीरू बाजवा, गुलशन ग्रोवर आदि की भी भूमिकाएं थीं। दिलजीत ने कहा कि मीडिया ने उन्हें देशद्रोही करार देने की भरसक कोशिश की लेकिन सिख समुदाय कभी राष्ट्र के खिलाफ नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “मेरे पास जवाब थे और मैं काफी कुछ कह सकता था, लेकिन मैं चुप रहा। मुझे नकारात्मकता में नहीं उलझना था। मैंने जज़्ब कर लिया।”
गायक ने राष्ट्रीय झंडे को सैल्यूट करते हुए कहा, “वह मेरे देश का झण्डा है।
अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद मई में भारत के पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को अभी चार महीने भी नहीं बीते लेकिन एशिया कप में भारत और पाकिस्तान खेल रहे हैं, जिसकी काफी आलोचना हुई।
दोसांझ वैसे भी दक्षिणपंथियों और गोदी मीडिया के लिए ‘सॉफ्ट टारगेट’ हैं। किसान आंदोलन के दौरान अभिनेत्री कंगना रनौत, जो अब भाजपा सांसद हैं, से सोशल मीडिया पर उलझने, किसान आंदोलन के समर्थन में आने के कारण उन्हें निशाना बनाने की कोशिशें होती रही हैं।
दिलजीत की एक फिल्म ‘पंजाब 95’ जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर बनी है, सेंसर में अटकी हुई है।